लखनऊ : 14 मार्च 2025 (13 रमज़ान) की मुकद्दस रात को एक यादगार लम्हा तब सामने आया जब तंजीमुल मकातिब के ज़ेरे एहतेमाम आयोजित रूह परवर रमज़ान प्रोग्राम में समाज सेवा और हक़ की राह में बेखौफ़ खिदमत करने वाले सैयद रिज़वान मुस्तफा को “नूर-ए-हुसैन” अवॉर्ड से नवाज़ा गया।

रहबर-ए-हिंद ने सराहा हौसला
इस खास मौके पर रहबर-ए-हिंद मौलाना सैयद सफी हैदर जैदी साहब और जामिया इमामिया के प्रिंसिपल मौलाना सैयद मुमताज जाफर साहब ने सैयद रिज़वान मुस्तफा की कोशिशों की भरपूर सराहना की और उन्हें इस बेशकीमती अवॉर्ड से सम्मानित किया। इस अवॉर्ड के तौर पर उन्हें “नूर-ए-हुसैन” नाइट लाइट भेंट की गई, जो न सिर्फ एक इनाम बल्कि उनके लिए एक नई ज़िम्मेदारी और हौसले का पैग़ाम भी था।
“नूर-ए-हुसैन” – सिर्फ़ एक लाइट नहीं, बल्कि एक मिशन
अवॉर्ड मिलने के बाद अपने जज़्बात का इज़हार करते हुए सैयद रिज़वान मुस्तफा ने कहा,
“यह सिर्फ़ एक लाइट नहीं, बल्कि कर्बला के उस अज्म और हौसले की यादगार है, जिसने हमें सिखाया कि हक़ पर रहना है, कुर्बान होना है और किसी ज़ुल्म या धमकी के आगे झुकना नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा कि इज्जत-ज़िल्लत दुनिया की किसी ताकत के हाथ में नहीं, बल्कि सिर्फ अल्लाह के हाथ में है। इमाम हुसैन (अ.) ने अपनी कुर्बानी से यह पैग़ाम दिया कि जो सिर सजदा-ए-हक़ में झुकता है, वह किसी ज़ालिम के आगे नहीं झुकता।

तंजीमुल मकातिब की तरफ से खिदमत का एतराफ़
तंजीमुल मकातिब की जानिब से इस खास मौके पर कहा गया कि समाज और इंसानियत की बेहतरी और सेव वक्फ इंडिया मिशन के लिए सैयद रिज़वान मुस्तफा की कोशिशें काबिले तारीफ हैं। उनका यह जज़्बा, खिदमत का जौहर और सच्चाई की राह पर डटे रहने का हौसला आने वाली नस्लों के लिए एक मिसाल है।
“नूर-ए-हुसैन” अब हर मुश्किल में रहेगा साथ
अंत में सैयद रिज़वान मुस्तफा ने तंजीमुल मकातिब और उसके रहनुमाओं का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया और कहा कि,
“नूर-ए-हुसैन अब सिर्फ़ एक लाइट नहीं, बल्कि हर अंधेरे में मेरा हौसला है और हर मुश्किल में यह मुझे याद दिलाएगा कि हक़ पर डटे रहना ही असल इबादत और वफादारी है। इंशाअल्लाह!”
समाज में जागरूकता का पैग़ाम
यह अवॉर्ड समाज में सच्चाई, हिम्मत और इंसाफ़ के लिए खड़े होने वाले हर इंसान के लिए एक मिसाल है। सैयद रिज़वान मुस्तफा की यह कामयाबी उन तमाम नौजवानों को प्रेरित करेगी जो इंसानियत, खिदमत और सच्चाई की राह पर चलने का हौसला रखते हैं।
- विशेष संवाददाता